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mahabharat 6.106.74-75h: शत्रुसूदन! मैं सम्पूर्ण शत्रुओं का नाश कर दूँगा। देखो, आज ही मैं पूर्ण चन्द्रमा के समान तेजस्वी अजेय योद्धा भीष्म को उनकी इच्छानुसार अन्तिम समय में मार डालूँगा। ॥74 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना  »  श्लोक 74-75h
 
 
श्लोक  6.106.74-75h 
अन्तं यथा गमिष्यामि शत्रूणां शत्रुसूदन।
अद्यैव पश्य दुर्धर्षं पात्यमानं महारथम्॥ ७४॥
तारापतिमिवापूर्णमन्तकाले यदृच्छया।
 
 
अनुवाद
शत्रुसूदन! मैं सम्पूर्ण शत्रुओं का नाश कर दूँगा। देखो, आज ही मैं पूर्ण चन्द्रमा के समान तेजस्वी अजेय योद्धा भीष्म को उनकी इच्छानुसार अन्तिम समय में मार डालूँगा। ॥74 1/2॥
 
Shatrusudan! I will destroy all the enemies. See, today itself I will kill the invincible warrior Bhishma who is like the full moon, at his last moment as per his wish.' ॥ 74 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)