Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.106.62: बार-बार गर्जना करते हुए, यादवों के सरदार ने भीष्म पर उसी क्रूरता से हमला किया, जैसे कोई सिंह हाथियों के राजा पर हमला करता है या कोई बैल, जो गायों का स्वामी है, किसी अन्य बैल पर हमला करता है। | mahabharat अध्याय 6.106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स सिंह इव मातङ्गं यूथर्षभ इवर्षभम्।
अभिदुद्राव वेगेन विनदन् यादवर्षभ:॥ ६२॥
अनुवाद
बार-बार गर्जना करते हुए, यादवों के सरदार ने भीष्म पर उसी क्रूरता से हमला किया, जैसे कोई सिंह हाथियों के राजा पर हमला करता है या कोई बैल, जो गायों का स्वामी है, किसी अन्य बैल पर हमला करता है।
Roaring repeatedly, the chief of the Yadavas attacked Bhishma with the same ferocity as a lion attacks a king of elephants or a bull, the master of cows, attacks another bull.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥