Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.106.61: पीले रेशमी वस्त्र पहने हुए श्रीकृष्ण भीष्म की ओर दौड़ते हुए नीलमणि के समान शोभायमान हो रहे थे, मानो बिजली की माला से सुशोभित कोई काला बादल जा रहा हो ॥ 61॥   |   mahabharat अध्याय 6.106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  6.106.61 
पीतकौशेयसंवीतो मणिश्यामो जनार्दन:।
शुशुभे विद्रवन् भीष्मं विद्युन्माली यथाम्बुद:॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
पीले रेशमी वस्त्र पहने हुए श्रीकृष्ण भीष्म की ओर दौड़ते हुए नीलमणि के समान शोभायमान हो रहे थे, मानो बिजली की माला से सुशोभित कोई काला बादल जा रहा हो ॥ 61॥
 
Wearing yellow silken clothes, Krishna looked as beautiful as a sapphire gem while running towards Bhishma, as if a dark cloud decorated with garland of lightning was going. ॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)