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mahabharat 6.106.51: भगवान श्रीकृष्ण ने घोड़ों को हाँकने की कला में अपनी अद्भुत शक्ति दिखाई थी। वे नाना प्रकार के हथकण्डों से भीष्म के बाणों को निष्फल कर रहे थे ॥ 51॥   |   mahabharat अध्याय 6.106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.106.51 
अदर्शयद् वासुदेवो हययाने परं बलम्।
मोघान् कुर्वञ्शरांस्तस्य मण्डलानि निदर्शयन्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण ने घोड़ों को हाँकने की कला में अपनी अद्भुत शक्ति दिखाई थी। वे नाना प्रकार के हथकण्डों से भीष्म के बाणों को निष्फल कर रहे थे ॥ 51॥
 
Lord Krishna showed His amazing power in the art of driving horses. He was making Bhishma's arrows useless by using various tricks. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)