Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.106.42-43h: तब कौरवों में श्रेष्ठ भीष्म बार-बार सिंहनाद करते हुए धनंजय के रथ पर शीघ्रतापूर्वक बाणों की वर्षा करने लगे। 42 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना  »  श्लोक 42-43h
 
 
श्लोक  6.106.42-43h 
ततो भीष्म: कुरुश्रेष्ठ: सिंहवद् विनदन् मुहु:॥ ४२॥
धनंजयरथं शीघ्रं शरवर्षैरवाकिरत्।
 
 
अनुवाद
तब कौरवों में श्रेष्ठ भीष्म बार-बार सिंहनाद करते हुए धनंजय के रथ पर शीघ्रतापूर्वक बाणों की वर्षा करने लगे। 42 1/2॥
 
Then Bhishma, the best of the Kurus, while repeatedly shouting the lion's cry, quickly started raining arrows on Dhananjay's chariot. 42 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)