श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  6.106.39-40h 
चोदयाश्वान् यतो भीष्म: करिष्ये वचनं तव॥ ३९॥
पातयिष्यामि दुर्धर्षं भीष्मं कुरुपितामहम्।
 
 
अनुवाद
ठीक है, घोड़ों को उस दिशा में ले चलो जहाँ भीष्म हैं। आज मैं तुम्हारी आज्ञा का पालन करूँगा। मैं कुरुवंश के वृद्ध पितामह, महाबली भीष्म का वध करूँगा।' ॥39 1/2 ॥
 
Okay, drive the horses in the direction where Bhishma is. Today I will follow your orders. I will kill the old patriarch of the Kuru clan, the fierce warrior Bhishma.' ॥ 39 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)