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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना
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श्लोक 37-38h
श्लोक
6.106.37-38h
इत्युक्तो वासुदेवेन तिर्यग्दृष्टिरधोमुख:॥ ३७॥
अकाम इव बीभत्सुरिदं वचनमब्रवीत्।
अनुवाद
भगवान् श्रीकृष्ण के ऐसा कहने पर अर्जुन ने उनकी ओर मुँह नीचा करके देखा और अनमने भाव से उनसे इस प्रकार कहा -॥37 1/2॥
When Lord Shri Krishna said this, Arjun looked at him with his face down and in a reluctant manner, said to him as follows -॥ 37 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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