Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.106.33-34h: पार्थ! जिस अवसर की तुम्हें अभिलाषा थी और जिसकी प्रतीक्षा थी, वह आ पहुँचा है। हे नरसिंह! यदि तुम मोह से मोहित नहीं हो रहे हो, तो इन भीष्म पर आक्रमण करो। | mahabharat अध्याय 6.106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अयं स काल: सम्प्राप्त: पार्थ य: काङ्क्षितस्तव॥ ३३॥
प्रहरास्मिन् नरव्याघ्र न चेन्मोहाद् विमुह्यसे।
अनुवाद
पार्थ! जिस अवसर की तुम्हें अभिलाषा थी और जिसकी प्रतीक्षा थी, वह आ पहुँचा है। हे नरसिंह! यदि तुम मोह से मोहित नहीं हो रहे हो, तो इन भीष्म पर आक्रमण करो।
Parth! The opportunity you desired and waited for has arrived. O lion of men! If you are not being enchanted by the illusions, then attack this Bhishma. 33 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥