Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.106.3-5h: तत्पश्चात् महाबली भीष्म ने धृष्टद्युम्न को बाणों से बींधकर सिंह के समान गर्जना की। फिर नकुल ने बारह, सात्यकि ने तीन, धृष्टद्युम्न ने सत्तर, भीमसेन ने सात और युधिष्ठिर ने बारह बाण मारकर भीष्म पितामह को घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 6.106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् महाबली भीष्म ने धृष्टद्युम्न को बाणों से बींधकर सिंह के समान गर्जना की। फिर नकुल ने बारह, सात्यकि ने तीन, धृष्टद्युम्न ने सत्तर, भीमसेन ने सात और युधिष्ठिर ने बारह बाण मारकर भीष्म पितामह को घायल कर दिया।
Thereafter, piercing Dhrishtadyumna with his arrows, the mighty Bhishma roared like a lion. Then Nakula shot twelve arrows, Satyaki shot three, Dhrishtadyumna shot seventy, Bhimsen shot seven and Yudhishthir shot twelve arrows and injured Bhishma's grandfather. 3-4 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥