श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  6.106.28-29h 
आविद्धरथनागाश्वं पतितध्वजसंकुलम्॥ २८॥
अनीकं पाण्डुपुत्राणां हाहाभूतमचेतनम्।
 
 
अनुवाद
पांडव सेना स्तब्ध होकर हाहाकार कर रही थी। उसके रथ, हाथी और घोड़े बाणों से घायल हो रहे थे। ध्वजाएँ कटकर भूमि पर गिर पड़ीं।
 
The Pandava army was in a trance and was wailing. Its chariots, elephants and horses were being wounded by arrows. The flags were cut and fell to the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)