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भीमं द्वादशभिर्विद्ध्वा सात्यकिं नवभि: शरै:।
नकुलं च त्रिभिर्विद्ध्वा सहदेवं च सप्तभि:॥ २॥
युधिष्ठिरं द्वादशभिर्बाह्वोरुरसि चार्पयत्।
अनुवाद
भीमसेन को बारह, सात्यकि को नौ, नकुल को तीन और सहदेव को सात बाणों से घायल करके उसने राजा युधिष्ठिर की भुजाओं और छाती में बारह बाण मारे।
After wounding Bhimasena with twelve arrows, Satyaki with nine, Nakula with three and Sahadeva with seven arrows, he shot twelve arrows into King Yudhishthira's arms and chest. 2 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥