श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.106.1 
संजय उवाच
तत: पिता तव क्रुद्धो निशितै: सायकोत्तमै:।
आजघान रणे पार्थान् सहसेनान् समन्तत:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे राजन! तब आपके चाचा देवव्रत क्रोधित हो उठे और उन्होंने युद्धस्थल में अपने तीखे और उत्तम बाणों से सेना सहित कुन्तीपुत्रों को सब ओर से घायल करना आरम्भ कर दिया।
 
Sanjaya says: O King, then your uncle Devavrata became furious and started wounding the sons of Kunti along with their army from all sides with his sharp and excellent arrows on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)