श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.104.8 
वार्यमाणा: सुबहुशस्त्रैगर्तेन सुशर्मणा।
तथान्यै: पार्थिवश्रेष्ठैर्न व्यतिष्ठन्त संयुगे॥ ८॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि त्रिगर्तराज सुशर्मा आदि महान राजाओं ने उसे बार-बार रोकने का प्रयत्न किया, तथापि वे सैनिक युद्ध में उसे रोक न सके ॥8॥
 
Although Trigarta king Susharma and other great kings tried to stop him again and again, yet those soldiers could not stop him in the war. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)