Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.104.4: राजन! जैसे युग के अंत में समस्त प्रजा का वध स्वयं काल के द्वारा होता है, वैसे ही युद्धभूमि में अर्जुन को मारते देख समस्त महारथी युद्धभूमि छोड़कर भागने लगे॥4॥ | mahabharat अध्याय 6.104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते वध्यमाना: पार्थेन कालेनेव युगक्षये।
व्यद्रवन्त रणे राजन् भये जाते महारथा:॥ ४॥
अनुवाद
राजन! जैसे युग के अंत में समस्त प्रजा का वध स्वयं काल के द्वारा होता है, वैसे ही युद्धभूमि में अर्जुन को मारते देख समस्त महारथी युद्धभूमि छोड़कर भागने लगे॥4॥
King! Just as at the end of the age all the subjects are killed by Kaal himself, similarly on seeing Arjuna killing them in the battlefield all the great warriors started fleeing leaving the battlefield.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥