Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.104.26-27: महाराज! पुरुषोत्तम बाह्लीक अत्यन्त भयभीत हो गया। उसके प्राणों पर बड़ा संकट छा गया। उस अवस्था में वह रथ से कूद पड़ा और उस महायुद्ध में शीघ्रतापूर्वक लक्ष्मण के रथ पर चढ़ गया। | mahabharat अध्याय 6.104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! पुरुषोत्तम बाह्लीक अत्यन्त भयभीत हो गया। उसके प्राणों पर बड़ा संकट छा गया। उस अवस्था में वह रथ से कूद पड़ा और उस महायुद्ध में शीघ्रतापूर्वक लक्ष्मण के रथ पर चढ़ गया।
Maharaj! The best of men Bahlika was in great panic. His life was in great doubt. In that state he jumped from the chariot and quickly boarded Lakshman's chariot in that great war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥