श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.104.18 
भीमसेनस्तु राजानं बाह्लीकं प्रपितामहम्।
विद्‍ध्वा नदन्महानादं शार्दूल इव कानने॥ १८॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन ने अपने पितामह राजा बाह्लीक को बाणों से घायल करके वन में सिंह के समान जोर से दहाड़ना आरम्भ किया।
 
Having wounded his great grandfather King Bahlika with arrows, Bhimasena roared loudly like a lion in the forest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)