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mahabharat 6.104.16: वीर सात्यकि ने कृतवर्मा को पाँच बाणों से घायल करके हजारों बाणों की वर्षा करते हुए युद्धभूमि में खड़े हो गए॥16॥   |   mahabharat अध्याय 6.104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.104.16 
सात्यकि: कृतवर्माणं विद्‍ध्वा पञ्चभिराशुगै:।
अतिष्ठदाहवे शूर: किरन् बाणान् सहस्रश:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वीर सात्यकि ने कृतवर्मा को पाँच बाणों से घायल करके हजारों बाणों की वर्षा करते हुए युद्धभूमि में खड़े हो गए॥16॥
 
The valiant Satyaki, having wounded Kritavarma with five arrows, stood still on the battlefield showering thousands of arrows.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)