श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.104.13 
ज्ञायमाना रणे वीर्यं घोरं गाण्डीवधन्वन:।
हाहाकारकृतोत्साहा भीष्मं जग्मु: समन्तत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वे गाण्डीवधारी अर्जुन के भयंकर पराक्रम को जानकर बड़े उत्साह से कोलाहल और गर्जना करते हुए सब ओर से भीष्म पर आक्रमण करने लगे।
 
Knowing the dreadful prowess of Arjuna, the bearer of Gandiva, they began attacking Bhishma from all sides with great enthusiasm, making noise and roaring.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)