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mahabharat 6.103.44: हे राजन! तत्पश्चात् कौरवों और पाण्डवों में अत्यन्त भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया, जो छलपूर्वक जुए के कारण हुआ था और जिसमें बहुत अधिक मार-काट मची थी।   |   mahabharat अध्याय 6.103: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध और रक्तमयी रणनदीका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.103.44 
तत: प्रववृते युद्धं कुरूणां पाण्डवै: सह।
अक्षद्यूतकृतं राजन् सुघोरं वैशसं तदा॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तत्पश्चात् कौरवों और पाण्डवों में अत्यन्त भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया, जो छलपूर्वक जुए के कारण हुआ था और जिसमें बहुत अधिक मार-काट मची थी।
 
O King! Thereafter a very fierce war started between the Kauravas and the Pandavas, which was made possible due to deceitful gambling and in which there was a lot of carnage.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)