Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.103.42-43: तत्पश्चात् समस्त योद्धाओं के कहे हुए वचन सुनकर सम्पूर्ण लोकों के प्रति अपराध करने वाला आपका पुत्र दुर्योधन भीष्म, द्रोण, कृपाचार्य और शल्य से बोला - 'तुम सब लोग अहंकार छोड़कर युद्ध करो; विलम्ब क्यों कर रहे हो?'॥42-43॥ | mahabharat अध्याय 6.103: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध और रक्तमयी रणनदीका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् समस्त योद्धाओं के कहे हुए वचन सुनकर सम्पूर्ण लोकों के प्रति अपराध करने वाला आपका पुत्र दुर्योधन भीष्म, द्रोण, कृपाचार्य और शल्य से बोला - 'तुम सब लोग अहंकार छोड़कर युद्ध करो; विलम्ब क्यों कर रहे हो?'॥42-43॥
Then, after listening to the words spoken by all the warriors, your son Duryodhana, who is guilty of crimes against all the worlds, said to Bhishma, Drona, Kripa and Shalya, 'You all should leave your ego aside and fight; why are you delaying?'॥ 42-43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥