Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.103.41: महाराज! इस प्रकार वहाँ अनेक प्रकार की बातें सुनी गईं, जिनमें पाण्डवों की परस्पर प्रशंसा और आपके पुत्रों की अत्यन्त कटु निन्दा भी थी॥41॥ | mahabharat अध्याय 6.103: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध और रक्तमयी रणनदीका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं बहुविधा वाच: श्रूयन्ते स्म परस्परम्।
पाण्डवस्तवसंयुक्ता: पुत्राणां ते सुदारुणा:॥ ४१॥
अनुवाद
महाराज! इस प्रकार वहाँ अनेक प्रकार की बातें सुनी गईं, जिनमें पाण्डवों की परस्पर प्रशंसा और आपके पुत्रों की अत्यन्त कटु निन्दा भी थी॥41॥
Maharaj! In this manner, various kinds of things were heard there, including mutual praise of the Pandavas and extremely fierce criticism of your sons. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥