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mahabharat 6.103.13-14: महाराज! भीम, द्रौपदी के पांचों पुत्र, पांचों भाई, केकय के राजकुमार, सात्वत वंश के सात्यकि, युधिष्ठिर जैसे पांडव सैनिक और धृष्टद्युम्न जैसे पांचाल सैनिकों ने द्रुपद की रक्षा के लिए गंगनन्दन भीष्म पर हमला कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.103: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध और रक्तमयी रणनदीका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 103: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध और रक्तमयी रणनदीका वर्णन  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  6.103.13-14 
तथा भीमो महाराज द्रौपद्या: पञ्च चात्मजा:।
केकया भ्रातर: पञ्च सात्यकिश्चैव सात्वत:॥ १३॥
अभ्यद्रवन्त गाङ्गेयं युधिष्ठिरपुरोगमा:॥
रिरक्षिषन्त: पाञ्चाल्यं धृष्टद्युम्नपुरोगमा:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
महाराज! भीम, द्रौपदी के पांचों पुत्र, पांचों भाई, केकय के राजकुमार, सात्वत वंश के सात्यकि, युधिष्ठिर जैसे पांडव सैनिक और धृष्टद्युम्न जैसे पांचाल सैनिकों ने द्रुपद की रक्षा के लिए गंगनन्दन भीष्म पर हमला कर दिया।
 
Maharaj! Bhima, the five sons of Draupadi, the five brothers, the princes of Kekaya, Satyaki of the Satvat dynasty, the Pandava soldiers like Yudhishthira and the Panchala soldiers like Dhrishtadyumna attacked Ganganandan Bhishma to protect Drupada.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)