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mahabharat 6.102.33-34h: महाबली भीमसेन की गदा से घायल होकर वह दन्त-हाथी युद्धस्थल में गरजते हुए बादलों के समान गरजने और पीड़ा से चिल्लाने लगा।   |   mahabharat अध्याय 6.102: द्रोणाचार्य और सुशर्माके साथ अर्जुनका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.102.33-34h 
ते वध्यमाना बलिना भीमसेनेन दन्तिन:॥ ३३॥
आर्तनादं रणे चक्रुर्गर्जन्तो जलदा इव।
 
 
अनुवाद
महाबली भीमसेन की गदा से घायल होकर वह दन्त-हाथी युद्धस्थल में गरजते हुए बादलों के समान गरजने और पीड़ा से चिल्लाने लगा।
 
The tusked elephant, struck by the mace of the mighty Bhimasena, began to roar in the battle-field and cry out in pain like the thundering clouds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)