Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.102.28-29h: हाथियों की सेना को आते देख वीर कुन्तीपुत्र भीमसेन अपने मुँह के कोनों को चाटने लगे, जैसे वन में सिंह अपने जबड़े चाटता है। | mahabharat अध्याय 6.102: द्रोणाचार्य और सुशर्माके साथ अर्जुनका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हाथियों की सेना को आते देख वीर कुन्तीपुत्र भीमसेन अपने मुँह के कोनों को चाटने लगे, जैसे वन में सिंह अपने जबड़े चाटता है।
Seeing the army of elephants approaching, the brave son of Kunti, Bhimasena, began licking the corners of his mouth just as a lion licks its jaws in the forest. 28 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥