Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.102.18-20h: महाराज! अर्जुन के पराक्रम से सभी देवता और दानव संतुष्ट हो गए। भरत! तत्पश्चात् अर्जुन ने क्रोध में भरकर युद्ध के मुहाने पर त्रिगर्त सेनाओं को लक्ष्य करके वायव्यास्त्र का प्रयोग किया; तभी आकाश में हलचल मचाने वाली एक वायु प्रकट हुई, जो वृक्षों को गिराने लगी और सैनिकों का नाश करने लगी। | mahabharat अध्याय 6.102: द्रोणाचार्य और सुशर्माके साथ अर्जुनका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! अर्जुन के पराक्रम से सभी देवता और दानव संतुष्ट हो गए। भरत! तत्पश्चात् अर्जुन ने क्रोध में भरकर युद्ध के मुहाने पर त्रिगर्त सेनाओं को लक्ष्य करके वायव्यास्त्र का प्रयोग किया; तभी आकाश में हलचल मचाने वाली एक वायु प्रकट हुई, जो वृक्षों को गिराने लगी और सैनिकों का नाश करने लगी।
Maharaj! All the gods and demons were satisfied with Arjuna's valour. Bhaarat! Thereafter Arjuna, filled with anger, used Vayavyastra at the mouth of the battle, targeting the Trigarta armies; then a wind appeared, disturbing the sky, which started felling trees and destroying the soldiers. 18-19 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥