Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.102.16-17: उस युद्ध में हमने अर्जुन के हाथों की अद्भुत फुर्ती देखी। जैसे वायु बादलों को तितर-बितर कर देती है, वैसे ही उसने अकेले ही अनेक योद्धाओं द्वारा की जा रही बाणों की भयानक वर्षा को रोक दिया। ॥16-17॥ | mahabharat अध्याय 6.102: द्रोणाचार्य और सुशर्माके साथ अर्जुनका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस युद्ध में हमने अर्जुन के हाथों की अद्भुत फुर्ती देखी। जैसे वायु बादलों को तितर-बितर कर देती है, वैसे ही उसने अकेले ही अनेक योद्धाओं द्वारा की जा रही बाणों की भयानक वर्षा को रोक दिया। ॥16-17॥
In that battle we saw the wonderful agility of Arjuna's hands. Just as the wind disperses the clouds, in the same way he single-handedly warded off the terrible shower of arrows made by many warriors. ॥16-17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥