Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.102.15-16h: उन्होंने पाण्डु नन्दन अर्जुन के रथ पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। राजेन्द्र! अर्जुन ने चारों ओर से आने वाली बाणों की वर्षा को उसी प्रकार स्वीकार किया, जैसे पर्वत जल की वर्षा को स्वीकार करता है। 15 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.102: द्रोणाचार्य और सुशर्माके साथ अर्जुनका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने पाण्डु नन्दन अर्जुन के रथ पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। राजेन्द्र! अर्जुन ने चारों ओर से आने वाली बाणों की वर्षा को उसी प्रकार स्वीकार किया, जैसे पर्वत जल की वर्षा को स्वीकार करता है। 15 1/2॥
He started raining arrows on the chariot of Pandu Nandan Arjuna. Rajendra! Arjun accepted the rain of arrows coming from all sides in the same way as a mountain accepts the rain of water. 15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥