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mahabharat 6.102.13: तत्पश्चात् रथियों में श्रेष्ठ अर्जुन ने सिंहनाद करके समरांगण में अपने बाणों से त्रिगर्तराज सुशर्मा को उसके पुत्रसहित घायल कर दिया॥13॥   |   mahabharat अध्याय 6.102: द्रोणाचार्य और सुशर्माके साथ अर्जुनका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.102.13 
अर्जुनस्तु रणे नादं विनद्य रथिनां वर:।
त्रिगर्तराजं समरे सपुत्रं विव्यधे शरै:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् रथियों में श्रेष्ठ अर्जुन ने सिंहनाद करके समरांगण में अपने बाणों से त्रिगर्तराज सुशर्मा को उसके पुत्रसहित घायल कर दिया॥13॥
 
Then Arjuna, the best among the charioteers, gave a lion's roar and in the battle of Samarangana, he injured Trigarta king Susharma along with his son with his arrows. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)