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mahabharat 6.102.10: उनकी आज्ञा पाकर त्रिगर्तराज सुशर्मा ने भी क्रोध में आकर अपना धनुष अत्यन्त ऊपर खींच लिया और अर्जुन को लोहे के नुकीले बाणों से आच्छादित कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.102: द्रोणाचार्य और सुशर्माके साथ अर्जुनका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.102.10 
त्रिगर्तराडपि क्रुद्धो भृशमायम्य कार्मुकम्।
छादयामास समरे पार्थं बाणैरयोमुखै:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उनकी आज्ञा पाकर त्रिगर्तराज सुशर्मा ने भी क्रोध में आकर अपना धनुष अत्यन्त ऊपर खींच लिया और अर्जुन को लोहे के नुकीले बाणों से आच्छादित कर दिया।
 
On receiving his orders, King Susharma of Trigarta also, in anger, pulled his bow to the extreme and covered Arjun with iron-headed arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)