श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 102: द्रोणाचार्य और सुशर्माके साथ अर्जुनका युद्ध तथा भीमसेनके द्वारा गजसेनाका संहार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.102.1 
धृतराष्ट्र उवाच
कथं द्रोणो महेष्वास: पाण्डवश्च धनंजय:।
समीयतू रणे यत्तौ तावुभौ पुरुषर्षभौ॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - संजय ! महाधनुर्धर द्रोण और महाधनुर्धर अर्जुन का युद्धस्थल में किस प्रकार आमना-सामना हुआ ?
 
Dhritarashtra said – Sanjay! How did the great archer Drona and the great archer Arjuna face each other in the battlefield? 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)