श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  6.101.59 
ततो द्रोणश्च पार्थश्च समेयातां महामृधे।
यथा बुधश्च शुक्रश्च महाराज नभस्तले॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् उस महासमर में द्रोणाचार्य और अर्जुन एक दूसरे से ऐसे भिड़ गए, मानो आकाश में बुध और शुक्र एक दूसरे पर आक्रमण कर रहे हों॥59॥
 
Maharaj! Thereafter Dronacharya and Arjuna clashed with each other in that great battle, as if Mercury and Venus were attacking each other in the sky. ॥ 59॥
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि अलम्बुषाभिमन्युयुद्धे एकाधिकशततमोऽध्याय:॥ १०१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें अलम्बुष और अभिमन्युका युद्धविषयक एक सौ एकवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १०१॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)