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mahabharat 6.101.32: तत्पश्चात् आपके पराक्रमी पुत्रों ने वीर अभिमन्यु को चारों ओर से घेर लिया और युद्धस्थल में बहुत से योद्धा अपने बाणों से उसे ही घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.101.32 
कोष्ठीकृत्य च तं वीरं धार्तराष्ट्रा महारथा:।
एकं सुबहवो युद्धे ततक्षु: सायकैर्दृढम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् आपके पराक्रमी पुत्रों ने वीर अभिमन्यु को चारों ओर से घेर लिया और युद्धस्थल में बहुत से योद्धा अपने बाणों से उसे ही घायल करने लगे।
 
Then your mighty sons, warriors, surrounded the valiant Abhimanyu from all sides, and on the battlefield many warriors began to wound him alone with their arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)