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mahabharat 6.101.31: तत्पश्चात् अपनी सेना को भागते देख शान्तनुपुत्र भीष्म ने बाणों की भारी वर्षा करके सुभद्रापुत्र अभिमन्यु को रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.101.31 
तत: शान्तनवो भीष्म: सैन्यं दृष्ट्वाभिविद्रुतम्।
महता शरवर्षेण सौभद्रं पर्यवारयत्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अपनी सेना को भागते देख शान्तनुपुत्र भीष्म ने बाणों की भारी वर्षा करके सुभद्रापुत्र अभिमन्यु को रोक दिया।
 
Thereafter, seeing his army fleeing, Shantanu's son Bhishma stopped Abhimanyu, the son of Subhadra, by shooting a heavy shower of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)