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mahabharat 6.101.23-24h: महीपते! तब वे सभी पांडव सैनिक अंधकार से आच्छादित हो गए। इसलिए न तो वे अभिमन्यु को देख पा रहे थे, न ही युद्धभूमि में अपने या शत्रु के सैनिकों को।   |   mahabharat अध्याय 6.101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  6.101.23-24h 
ततस्ते तमसा सर्वे वृताश्चासन् महीपते॥ २३॥
नाभिमन्युमपश्यन्त नैव स्वान् न परान् रणे।
 
 
अनुवाद
महीपते! तब वे सभी पांडव सैनिक अंधकार से आच्छादित हो गए। इसलिए न तो वे अभिमन्यु को देख पा रहे थे, न ही युद्धभूमि में अपने या शत्रु के सैनिकों को।
 
Mahipate! Then all those Pandava soldiers were covered with darkness. Therefore, neither could they see Abhimanyu nor their own or the enemy's soldiers in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)