श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  6.101.20-21h 
तथैवार्जुनिना मुक्ता: शरा: कनकभूषणा:॥ २०॥
अलम्बुषं विनिर्भिद्य प्राविशन्त धरातलम्।
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार अभिमन्यु द्वारा छोड़े गए स्वर्ण-जटित बाण भी अलम्बुष को छेदकर पृथ्वी में जा धंसे।
 
In the same way the gold-decorated arrows shot by Abhimanyu also pierced Alambusha and went into the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)