Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.101.17-18h: उन सुवर्णमय पंखों वाले बाणों को अपने अंगों में धारण किए हुए महादैत्य अलम्बुष अग्नि की लपटों से आवृत पर्वत के समान शोभा पा रहा था ॥17 1/2॥ | mahabharat अध्याय 6.101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन सुवर्णमय पंखों वाले बाणों को अपने अंगों में धारण किए हुए महादैत्य अलम्बुष अग्नि की लपटों से आवृत पर्वत के समान शोभा पा रहा था ॥17 1/2॥
Holding those arrows with golden wings in his limbs, the great demon Alambush was looking beautiful like a mountain covered with flames of fire. 17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥