vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 101: अभिमन्युके द्वारा अलम्बुषकी पराजय, अर्जुनके साथ भीष्मका तथा कृपाचार्य, अश्वत्थामा और द्रोणाचार्यके साथ सात्यकिका युद्ध
»
श्लोक 12
श्लोक
6.101.12
तत: कार्ष्णिर्महाराज निशितै: सायकैस्त्रिभि:।
आर्ष्यशृङ्गिं रणे विद्ध्वा पुनर्विव्याध पञ्चभि:॥ १२॥
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् अर्जुनपुत्र अभिमन्यु ने युद्धस्थल में अलम्बुष को तीन तीखे बाणों से घायल कर दिया और पुनः पाँच बाणों से उसे घायल कर दिया।
Maharaj! Thereafter Abhimanyu, son of Arjun, pierced Alambusha on the battlefield with three sharp arrows and again wounded him with five arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×