Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.100.38: उस समय वह महादैत्य द्रौपदी के उन वीर पुत्रों से उसी प्रकार पीड़ित होने लगा, जैसे भयंकर प्रलय के समय चन्द्रमा को पाँचों ग्रहों द्वारा पीड़ा होती है।   |   mahabharat अध्याय 6.100: द्रौपदीके पाँचों पुत्रों और अभिमन्युका राक्षस अलम्बुषके साथ घोर युद्ध एवं अभिमन्युके द्वारा नष्ट होती हुई कौरव-सेनाका युद्धभूमिसे पलायन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 100: द्रौपदीके पाँचों पुत्रों और अभिमन्युका राक्षस अलम्बुषके साथ घोर युद्ध एवं अभिमन्युके द्वारा नष्ट होती हुई कौरव-सेनाका युद्धभूमिसे पलायन  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  6.100.38 
वीर्यवद्भिस्ततस्तैस्तु पीडितो राक्षसोत्तम:।
यथा युगक्षये घोरे चन्द्रमा: पञ्चभिर्ग्रहै:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
उस समय वह महादैत्य द्रौपदी के उन वीर पुत्रों से उसी प्रकार पीड़ित होने लगा, जैसे भयंकर प्रलय के समय चन्द्रमा को पाँचों ग्रहों द्वारा पीड़ा होती है।
 
At that time that great demon started getting tormented by those valiant sons of Draupadi, in the same way as the Moon is tormented by the five planets at the time of terrible doomsday.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)