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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 10: भारतवर्षमें युगोंके अनुसार मनुष्योंकी आयु तथा गुणोंका निरूपण
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श्लोक 3
श्लोक
6.10.3
संजय उवाच
चत्वारि भारते वर्षे युगानि भरतर्षभ।
कृतं त्रेता द्वापरं च तिष्यं च कुरुवर्धन॥ ३॥
अनुवाद
संजय बोले- कुरुकुल को बढ़ाने वाले भरतश्रेष्ठ! भारत में चार युग हैं - सत्ययुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग। 3॥
Sanjay said – Bharatshreshtha, the one who increased Kurukula! There are four eras in India – Satyayuga, Treta, Dwapar and Kaliyuga. 3॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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