Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.10.1-2: धृतराष्ट्र ने कहा- संजय! तुम हमें भारतवर्ष और हेमवत्वर्ष के लोगों की आयु, बल तथा भूत, वर्तमान और भविष्य के शुभ-अशुभ फल बताओ। हरिवर्ष का भी विस्तारपूर्वक वर्णन करो॥ 1-2॥ | mahabharat अध्याय 6.10: भारतवर्षमें युगोंके अनुसार मनुष्योंकी आयु तथा गुणोंका निरूपण । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र उवाच
भारतस्यास्य वर्षस्य तथा हैमवतस्य च।
प्रमाणमायुष: सूत बलं चापि शुभाशुभम्॥ १॥
अनागतमतिक्रान्तं वर्तमानं च संजय।
आचक्ष्व मे विस्तरेण हरिवर्षं तथैव च॥ २॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने कहा- संजय! तुम हमें भारतवर्ष और हेमवत्वर्ष के लोगों की आयु, बल तथा भूत, वर्तमान और भविष्य के शुभ-अशुभ फल बताओ। हरिवर्ष का भी विस्तारपूर्वक वर्णन करो॥ 1-2॥
Dhritarashtra said- Sanjay! You tell us the age, strength and past, present and future good and bad results of the people of Bharatvarsh and Heimavatvarsh. Also describe Harivarsh in detail.॥ 1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥