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mahabharat 6.1.22: तत्पश्चात् एक बवंडर-सा उठा, जो नीचे से रेत और कंकड़-पत्थर खींचकर सब ओर बिखेरने लगा और सैकड़ों-हजारों सैनिकों को घायल कर दिया ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 6.1: कुरुक्षेत्रमें उभय पक्षके सैनिकोंकी स्थिति तथा युद्धके नियमोंका निर्माण   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 1: कुरुक्षेत्रमें उभय पक्षके सैनिकोंकी स्थिति तथा युद्धके नियमोंका निर्माण  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.1.22 
वायुस्तत: प्रादुरभून्नीचै: शर्करकर्षण:।
विनिघ्नंस्तान्यनीकानि शतशोऽथ सहस्रश:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् एक बवंडर-सा उठा, जो नीचे से रेत और कंकड़-पत्थर खींचकर सब ओर बिखेरने लगा और सैकड़ों-हजारों सैनिकों को घायल कर दिया ॥22॥
 
Thereafter a whirlwind-like wind arose, pulling sand and pebbles from below and scattering them everywhere, and injuring hundreds and thousands of soldiers. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)