श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 1: कुरुक्षेत्रमें उभय पक्षके सैनिकोंकी स्थिति तथा युद्धके नियमोंका निर्माण  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.1.14 
पाण्डुरेणातपत्रेण ध्रियमाणेन मूर्धनि।
मध्ये नागसहस्रस्य भ्रातृभि: परिवारित:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
उसके सिर पर एक सफ़ेद छत्र मंडरा रहा था। हज़ार हाथियों के बीच अपने भाइयों से घिरा हुआ वह बहुत सुंदर लग रहा था। 14.
 
A white umbrella was held over his head. He looked beautiful surrounded by his brothers in the midst of a thousand elephants. 14.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)