मातले! ये पातालवासी प्राणी दिन में सूर्य की किरणों से तंग आकर मृतप्राय अवस्था को पहुँच जाते हैं; किन्तु रात्रि होने पर अमृतमय चन्द्रमा के प्रकाश के सम्पर्क में आकर पुनः जीवित हो उठते हैं॥9॥
Matale! These underworld-dwelling creatures get fed up with the sun's rays during the day and reach a near-dead state; But when night falls, they come alive again in contact with the nectar-filled moonlight. 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥