श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 99: नारदजीके द्वारा पाताललोकका प्रदर्शन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.99.12 
अत्र भूतपतिर्नाम सर्वभूतमहेश्वर:।
भूतये सर्वभूतानामचरत् तप उत्तमम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
सर्वभूतमहेश्वर भगवान भूतनाथ ने समस्त जीवों के कल्याण के लिए यहाँ घोर तपस्या की थी ॥12॥
 
Sarvabhutamaheshwar Lord Bhootnath had performed great penance here for the welfare of all living beings. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)