Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.98.23: और यह सलिलराज वरुण का छत्र है, जो छत्रगृह में रखा हुआ है। यह छत्र मेघ की भाँति चारों ओर से शीतल जल की वर्षा करता रहता है। | mahabharat अध्याय 5.98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
और यह सलिलराज वरुण का छत्र है, जो छत्रगृह में रखा हुआ है। यह छत्र मेघ की भाँति चारों ओर से शीतल जल की वर्षा करता रहता है।
And this is the umbrella of Salilraj Varuna, which is kept in the Chhatragriha. This umbrella keeps raining cool water from all sides like a cloud. 23.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥