vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना
»
श्लोक 21
श्लोक
5.98.21
अशास्यानपि शास्त्येष रक्षोबन्धुषु राजसु।
सृष्ट: प्रथमतश्चण्डो ब्रह्मणा ब्रह्मवादिना॥ २१॥
अनुवाद
ब्रह्मवेत्ता ब्रह्मा ने सर्वप्रथम इस शक्तिशाली धनुष की रचना की थी। यह राक्षस आदि अदम्य राजाओं को भी दबा सकता है। ॥21॥
Brahma, the knower of Brahman, first created this powerful bow. It can suppress even the most indomitable of kings, like demons. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×