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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.98.2 
नारदोऽथाब्रवीदेनं क्व भवान् गन्तुमुद्यत:।
स्वेन वा सूत कार्येण शासनाद् वा शतक्रतो:॥ २॥
 
 
अनुवाद
नारद ने उनसे पूछा, "हे देवसारथी, आप कहां जा रहे हैं? क्या यह आपकी यात्रा किसी निजी कार्य से है या देवेंद्र के आदेश से?"
 
Narada asked him, "O Devsaraathi, where are you going? Is this your journey for some personal work or on the orders of Devendra?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)