Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.98.19: वज्र की गाँठ को 'गाण्डी' कहते हैं। यह धनुष इसी से बना है, इसलिए इसे गाण्डीव कहते हैं। इसे संसार का नाश करने के लिए बनाया गया है। देवता सदैव इसकी रक्षा करते हैं॥19॥ | mahabharat अध्याय 5.98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वज्र की गाँठ को 'गाण्डी' कहते हैं। यह धनुष इसी से बना है, इसलिए इसे गाण्डीव कहते हैं। इसे संसार का नाश करने के लिए बनाया गया है। देवता सदैव इसकी रक्षा करते हैं॥19॥
The knot of the Vajra is called 'Gandi'. This bow is made of it, hence it is called Gandiva. It has been made to destroy the world. The gods always protect it.॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥