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mahabharat 5.98.18: ये महाअग्निदेव वरुणदेवता के सरोवर में प्रकाशित हैं। इन्हीं धूमरहित अग्निदेव ने भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र को भी अवरुद्ध कर दिया था। 18॥   |   mahabharat अध्याय 5.98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.98.18 
अग्निरेष महार्चिष्माञ्जागर्ति वारुणे ह्रदे।
वैष्णवं चक्रमाविद्धं विधूमेन हविष्मता॥ १८॥
 
 
अनुवाद
ये महाअग्निदेव वरुणदेवता के सरोवर में प्रकाशित हैं। इन्हीं धूमरहित अग्निदेव ने भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र को भी अवरुद्ध कर दिया था। 18॥
 
These are illuminated in the lake of the great fire god Varundevata. This smokeless fire god had also blocked the Sudarshan Chakra of Lord Vishnu. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)