श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 98: मातलिका अपनी पुत्रीके लिये वर खोजनेके निमित्त नारदजीके साथ वरुणलोकमें भ्रमण करते हुए अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.98.15 
एतानि हृतराज्यानां दैतेयानां स्म मातले।
दीप्यमानानि दृश्यन्ते सर्वप्रहरणान्युत॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे मातले! जिन राक्षसों के राज्य छीन लिए गए हैं, उनके सम्पूर्ण तेजस्वी आयुध देखे जा सकते हैं ॥15॥
 
O Matale! The entire dazzling armament of those demons whose kingdoms have been usurped can be seen. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)